छोटी बीजेपी को सपा में शामिल करने का जोखिम नहीं उठाएंगे अखिलेश यादव

छोटी बीजेपी को सपा में शामिल करने का जोखिम नहीं उठाएंगे अखिलेश यादव

छोटी बीजेपी को सपा में शामिल करने का जोखिम नहीं उठाएंगे अखिलेश यादव
पत्रकार इन्तखाब आजाद सहारनपुर उत्तर प्रदेश इस बात में कितना दम है या नहीं, यह तो वक्त बताएगा! मगर एक चर्चा जरूर है कि कांग्रेस का यह नेता इधर उधर भटक कर थक हार कर, फिर अपने डूबते सियासी जहाज को बचाने की खातिर उसी साइकिल पर सवार होने की जुगत बिठाने में लगा है जिस विकास पुरुष अखिलेश यादव को आर एस एस का एजेंट और उनके पिता पूर्व मुख्यमंत्री नेताजी मुलायम सिंह यादव की धोती के नीचे खाकी कचछा बताकर उन्हें सार्वजनिक मंचों पर अपमान करता घूमता था। आज कपड़ों की तरह राजनीतिक दल बदलने में माहिर कांग्रेस का यह नेता जिसे लोग यहां छोटी बीजेपी के नाम से भी जानते हैं फिर से उसी साइकिल पर सवार होना चाहता है जिस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को कभी सहारनपुर में मटियामेट करने की कसम खाई थी।अब बार-बार दलबदलू यह कॉग्रेसी नेता फिर से सपा में शामिल होगा या नहीं, यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन इतना जरूर है कि यदि सपा ने इसे अपनी साइकिल पर सहारनपुर में इसके समर्थक चंद मुस्लिम वोटों के लालच में शामिल कर लिया, तो निश्चित रूप से पूरे प्रदेश में हिंदू वोट, जो आज भाजपा से नाराज होकर समाजवादी पार्टी की तरफ देख रहा है वह एक ही झटके में समाजवादी पार्टी से छिटक कर फिर से मजबूरी में ही सही, लेकिन भाजपा के खेमे में खड़ा होता दिखाई देगा और इस तरह सपा का बना बनाया खेल एक झटके में ही ताश के पत्तों की तरह बिखर जाएगा । हां इतना जरूर है कि समाजवादी पार्टी को इस कथित कांग्रेस नेता से कोई फायदा हो या ना हो लेकिन इसकी दुकानदारी सहारनपुर में जरूर चल जाएगी। अब यह समाजवादी पार्टी, उससे जुड़े उन समर्पित कार्यकर्ताओं और नेताओं को देखना है जो संकट की घड़ी में समाजवाद का झंडा उठाए नेताजी और अखिलेश यादव के साथ खड़े हैं कि बोटी बोटी करने वाले इस व्यक्ति को पार्टी में शामिल करना है या नहीं। वैसे राजनीतिक जानकारों का आकलन है कि अखिलेश यादव एक मंझे हुए नेता हैं और शायद वो ऐसी गलती कभी नहीं करेंगे कि एक व्यक्ति से एक दो सीट पर चंद मुस्लिम वोटों के लालच में वह पूरे प्रदेश के अंदर सपा से जुड़ रहे हैं हिंदूओं को सपा से दूर भागकर भाजपा के खेमे में खड़ा होने को मजबूर कर दे।जल्द ही इस उपरोक्त मुद्दे को लेकर मेरी करीब दो दर्जन स्टोरी आपको पढ़ने को मिलेंगी।

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