कोरोना काल मे मृत शिक्षकों को 50 लाख रुपए और आश्रित को अनुकंपा पर नौकरी जल्द मिले

कोरोना काल मे मृत शिक्षकों को 50 लाख रुपए और आश्रित को अनुकंपा पर नौकरी जल्द मिले

 

रिपोर्ट
परमानन्द पाण्डेय

बड़हरिया सिवान

बड़हरिया प्रखण्ड के विभिन्न विधालयो में कार्यरत शिक्षकों की मौत वर्ष 2021 मे कोरोना काल मे हुई है । कोरोना काल मे मृत सभी शिक्षकों को बिहार सरकार 50 लाख रुपया और उनके आश्रितों को अनुकम्पा के आधार पर नौकरी जल्द मिलना चाहिये । बड़हरिया प्रखण्ड में 3 शिक्षकों का निधन वर्ष 2021 में हो चुका है । इसमें अधिकतर वैसे शिक्षक हैं जो अपने परिवार के अकेले कमाउ सदस्य थे। नियोजित शिक्षक के रूप में कार्य करने वाले और अल्प वेतन पाने के कारण मृत शिक्षकों के आश्रितों के पास जमा पूंजी के नाम पर शून्य ब्लेंस है। बड़हरिया के प्रगतिशील प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष अमरेंद्र प्रसाद ने बिहार सरकार से माँग किया कि कोरोना काल मे जिन शिक्षकों का निधन हुआ है, उनके आश्रितों को 50 लाख रुपए एवम अनुकंपा के आधार पर नौकरी जल्द दिया जाय ।
मृत शिक्षक प्रखण्ड के अलग-अलग विद्यालय में कार्यरत नियोजित शिक्षक ने कोरोना के जंग हार गए उनको अनुकंपा पर नौकरी देन बहुत जरूरी है ।।बड़हरिया प्रखण्ड के मृत शिक्षक अमजद आलम 2006 में नियुक्त हुए और बड़हरिया प्रखंड के एनपीएस मोहम्मदपुर में कार्यरत थे जिनकी मृत्यु 1 मई 21 को सांस फूलने से हो गई। वही महफूज आलम 2010 में बड़हरिया के एनपीएस प्राणपुर में नियुक्त थे। जिनकी मृत्यु 3 मई 21 को सांस फूलने से हो गई। उसके बाद बड़हरिया के लक्ष्मण मिश्रा जो 2015 में भुनेश्वर फतेह आलम उच्च विद्यालय बाबू हाथा में कार्यरत थे, उनकी मृत्यु 30 अप्रैल 2021 को सांस लेने में दिक्कत आने से हो गई।
शिक्षक संघ ने बिहार सरकार से अपील किया कि मृत शिक्षकों के घर की माली हालात सही नही है । इसलिए बिहार सरकार यथाशीघ्र मृत शिक्षकों को उनके सभी प्रकार के लाभ उनके आश्रितों को यथाशीघ्र देने की जरूरत है।

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