भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं कलेक्टर श्री डी.सिंह किसी भ्रष्टाचार को संरक्षण नही हर शिकायत की जाँच के बाद कार्रवाई होती है स्वप्निल तिवारी

भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं कलेक्टर श्री डी.सिंह किसी भ्रष्टाचार को संरक्षण नही
हर शिकायत की जाँच के बाद कार्रवाई होती है

स्वप्निल तिवारी

 

महासमुंद 16 मई 2021/- कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने कहा कि सुधाकर बोदले,जिला महिला बाल विकास अधिकारी महासमुंद द्वारा द्वारा जो शिकायतें भ्रष्टाचार के संबंध में की गई है ।उसमें शासन स्तर से जांच चल रही है एवं जिला स्तर से भी कार्यवाही की जाएगी ।किसी प्रकार के भ्रष्टाचार को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया विभागीय अधिकारियों के बीच आपसी खींचतान का यह मामला दिखाई पड़ता है।किसी भी तरह की शिकायत आने पर चाहे वह आम जनता से प्राप्त हुई हो या किसी विभागीय अधिकारी-कर्मचारी से सभी शिकायतों की संबंधित विभागों के द्वारा तुरंत कार्रवाई की जाती है । श्री बोदले संबंधी शिकायत की जाँच भी राज्य और प्रशासन स्तर पर चल रही है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री मनोज सिंहा द्वारा जिला महिला बाल विकास अधिकारी महासमुंद श्री सुधाकर बोदले, द्वारा आज रविवार सेअनशन एवं सत्याग्रह ग़लत बताते हुए कहा कि श्री बोदले विभागीय अधिकारियों द्वारा जारी आदेश/निर्देश का पालन कभी भी नहीं किया हमेशा वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों/निर्देशों का उल्लंघन करते रहे है। ​श्री सुधाकर द्वारा प्रतिकूल व्यवहार किया जा रहा है। जो कि छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन है। इस प्रकार उनके द्वारा शासन की छवि खराब की जा रही है एवं शासकीय कार्योें में बाधा उत्पन्न किया जा रहा है। जिले में कोविड पैनडेमिक अंतर्गत धारा 144 लागू है जो कि किसी भी व्यक्ति विशेष/शासकीय अधिकारी/कर्मचारी को अनशन एवं सत्याग्रह हेतु प्रतिबंधित करता है।
श्री मनोज सिंहा ने स्पष्ट किया कि जब से जिले में उनकी पदस्थापना जिला कार्यक्रम अधिकारी महासमुंद के पद पर हुआ है तभी से श्री सुधाकर बोदले जिला महिला बाल विकास अधिकारी महासमुंद को समस्या हो रही है। पूर्व में श्री बोदले जिला कार्यक्रम अधिकारी महासमुंद के प्रभार में पदस्थ थे। इसलिए श्री सुधाकर बोदले समय-समय पर कोई न कोई समस्या उत्पन्न कर श्री मनोज सिंहा का छवि खराब करने का प्रयत्न करते रहे है। श्री सुधाकर वर्तमान वरिष्ठ अधिकारी श्री मनोज सिंहा एवं कनिष्ठ अधिकारियों/कर्मचारियों के प्रति द्वेषपूर्ण व्यवहार करते है।
पूर्व पदस्थ जिला बस्तर एवं सुकमा में भी उनके द्वारा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस प्रकार की कार्य कर समस्या उत्पन्न करते रहे है। वहां भी उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों से संबंध खराब रहे है एवं शासकीय आदेशों/उच्च अधिकारियों के आदेशों का अवहेलना करते रहे है।

​ श्री सुधाकर द्वारा की गई शिकायत की जांच राज्य स्तर से की जा रही है। दिनांक 15 मई को को राज्य स्तरीय दल जांच हेतु महासमुंद ब्लॉक में आया था। जिसमें रेडी टू ईट फूड की गुणवत्ता एवं प्रदाय संबंधी जांच की गई। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत शासकीय नियमों का पालन करते हुए गुणवत्तायुक्त सामग्री का वितरण किया गया है।
​जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री मनोज सिंहा द्वारा जारी आदेश/निर्देश का पालन कभी भी श्री सुधाकर के द्वारा नहीं किया गया। हमेशा वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों/निर्देशों का उल्लंघन करते रहे है।​श्री सुधाकर द्वारा प्रतिकूल व्यवहार किया जा रहा है। जो कि छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन है। इस प्रकार उनके द्वारा शासन की छवि खराब की जा रही है एवं शासकीय कार्योें में बाधा उत्पन्न किया जा रहा है। जिले में कोविड पैनडेमिक अंतर्गत धारा 144 लागू है जो कि किसी भी व्यक्ति विशेष/शासकीय अधिकारी/कर्मचारी को अनशन एवं सत्याग्रह हेतु प्रतिबंधित करता है।

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