क्या बसपा सुप्रीमो मायावती के इस बयान को मुसलमान भूल जाएगा—?, शायद हरगिज़ नहीं

क्या बसपा सुप्रीमो मायावती के इस बयान को मुसलमान भूल जाएगा—?, शायद हरगिज़ नहीं

 


◆ कांग्रेस और भाजपा दोनों छोटी-बड़ी सगी बहने हैं दोनों की पॉलिसी एक है एक खुलकर दुश्मन है, तो दूसरी छुपकर दुश्मन है और बसपा इन दोनों की सहयोगी है जितना बहिष्कार भाजपा का, उससे ज्यादा कांग्रेस और बसपा का होना चाहिए।
—————————————-
◆ सहारनपुर【उत्तर प्रदेश】 *मुसलमान कट्टरपंथी है कट्टरपंथी मुल्ला मुसलमान चुनाव में ना जीते, इसलिए मैंने अपने लोगों का वोट भाजपा पर ट्रांसफर करा दिया था ताकि कट्टरपंथी मुल्ला मुसलमान ना जीते*
● यह उपरोक्त बयान बसपा सुप्रीमो सुश्री मायावती ने बाकायदा इलेक्ट्रॉनिक चैनल्स पर बैठकर कैमरे पर दिया था और ठोक ठोक कर कहा था कि *कट्टरपंथी मुसलमान चुनाव ना जीते, इसलिए मैंने कट्टरपंथी मुसलमानों को हराने की खातिर, ताकि वो जीतकर सदन मे ना जाएं, इसलिए अपने लोगों का वोट, भाजपा को ट्रांसफर करा दिया था और मेरे लोगों ने मेरी बात को मान कर अपना सारा वोट भाजपा को दे दिया था*,
◆ यह जो उपरोक्त बसपा सुप्रीमो के बयान मैंने आपके सामने रकखा हैं यह तमाम मुसलमानों को याद होंगे। क्योंकि मेरे ख्याल से आप लोगों की याददाश्त इतनी कमजोर नहीं हुई होगी, कि जो आप यह अंदाजा नहीं लगा सकते कि बसपा सुप्रीमो ने यह बात टेलीविजन पर बैठकर ठोक ठोक कर कही थी। इसका वीडियो भी आपको आसानी से मिल जाएगा अगर नहीं मिला, तो मैं आप लोगों को दे दूंगा। अब इतना होने के बावजूद भी अगर कोई मुसलमान बसपा या बसपा के प्रत्याशी को वोट दें, तो फिर हम उसको कुछ भी नहीं कह सकते। क्योंकि बसपा को दिया एक एक वोट भाजपा को मजबूती देगा और भाजपा भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की दिशा में काम करके मूलनिवासी समाज【SC,ST,OBC & MINORITIES】 को उनके हक अधिकारों से वंचित करके, वही ले जाकर छोड़ेगी, जहां से आधुनिक भारत के निर्माता बाबा साहब ने एससी एसटी ओबीसी को निकालकर इंसान होने का दर्जा दिया था, क्योंकि जो नेता अपने समाज के खत्म होते हक अधिकारों और निजी करण के जरिए आरक्षण समाप्त किए जाने के मुद्दे पर अपनी आवाज नहीं उठा सकती, तो मुसलमानों कल्पना कीजिए, क्या वह आपके लिए आवाज उठा सकती हैं –? जो आप को कट्टरपंथी कहकर अपना वोट भाजपा को दिलाने का दावा खुद करती हैं, तो क्या वह आपके ऊपर होने वाले जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद कर सकती हैं –? शायद हरगिज़ नहीं ! याद रखना भाजपा की बी टीम कांग्रेस है और बसपा इन दोनो की सहयोगी।
■ सही समय पर आपको बताना और जगाना मेरा काम था अपने वोट की ताकत पर बसपा और बसपा के प्रत्याशी का बहिष्कार करना या ना करना, वह आपका अपना काम है।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

Please Share This News By Pressing Whatsapp Button




जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Close

Website Design By Bootalpha.com +91 82529 92275